इतिहास के
साक्ष्य
इस परियोजना का मूल सिद्धांत: दावा जितना महत्वपूर्ण है, उसका स्रोत-आधार उतना ही स्पष्ट होना चाहिए।
Evidence Room
अतीत को पढ़ने के साधन
उपलब्ध इतिहास PDF में जिन स्रोत-प्रकारों और विशिष्ट अभिलेखों का उल्लेख है, उनका प्रारंभिक वर्गीकरण।
शिलालेख
गोपेश्वर/बाड़ाहाट, बागेश्वर, कालसी, लाखामंडल, टिहरी-पलैठी आदि के अभिलेखीय संकेत।
ताम्रपत्र
जागेश्वर, पांडुकेश्वर और तालेेश्वर सहित विभिन्न स्थानों से जुड़े ताम्रपत्र स्रोत।
सिक्के
कुणिंद, परमार और चंद परंपराओं से जुड़े मुद्राशास्त्रीय साक्ष्य।
साहित्य
रामायण, महाभारत, पुराण, स्थानीय ग्रंथ और कल्हण की राजतरंगिणी जैसे संदर्भ।
लोकस्मृति
मालूशाही, जागर, हुड़की बोल, पवांड़े जैसी परंपराएँ — अलग श्रेणी में।
पुरातत्व
मूर्तियाँ, स्थापत्य, मृद्भांड, शैलचित्र और अन्य भौतिक अवशेष।
Source Policy
तीन स्तरों की स्पष्टता
दस्तावेज़ित इतिहास
अभिलेख, ताम्रपत्र, पुरातात्विक साक्ष्य और लिखित स्रोतों से समर्थित सामग्री।
लोकपरंपरा
पीढ़ियों से चली आ रही स्मृतियाँ और सांस्कृतिक कथाएँ, जिन्हें उसी रूप में पहचाना जाएगा।
किंवदंती
ऐसी कथाएँ जिनका सांस्कृतिक महत्व है, पर उन्हें ऐतिहासिक तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
Primary Project Source